उज्जैन | मध्यप्रदेश के उज्जैन संभाग के विक्रम विश्वविद्यालय में करीब डेढ वर्ष पूर्व हुई पीएचडी चयन परीक्षा-2022 में पात्रों को दरकिनार कर अपात्रों को अवसर देने के मामले में प्रस्तुत शिकायत पर लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को विश्वविद्यालय के अधिकारी पीएचडी प्रवेश परीक्षा की आंसर शीट व अन्य दस्तावेज लेकर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। करीब दो घंटे जांच के बाद अधिकारी वापस लौटे।

उज्जैन लोकायुक्त विभाग ने विक्रम विश्वविद्यालय में हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली करने की शिकायत पर जांच को तेज कर दिया है। मंगलवार को इसी शिकायत को लेकर कुलसचिव डॉ. प्रशांत पौराणिक से सवाल-जवाब हुए थे। वहीं बुधवार को विश्वविद्यालय के गोपनीय विभाग के परीक्षा कंट्रोलर एमएल जैन गोखरू और विभाग के सहायक कुलसचिव वीरेंद्र उचवारे पीएचडी प्रवेश परीक्षा की आंसर शीट व अन्य दस्तावेज लेकर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचे थे। करीब दो से तीन घंटे चली जांच पूछे गए सवालों के जवाब देने के बाद अधिकारी शाम को वापस विश्वविद्यालय लौटे। हालांकि शिकायतकर्ता बबलू खिंची ने शिकायत के साथ कुछ दस्तावेज की फोटो प्रति भी दी है। संभव है उसी के आधार पर मिलान किया जा रहा है।
