नई दिल्ली:COP30 जलवायु शिखर सम्मेलन में देशों को अंतर्राष्ट्रीय जलवायु प्रयासों को मजबूत करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया गया। हालांकि, जीवाश्म ईंधन के उपयोग को लेकर मतभेद जारी हैं और समझौते पर सर्वसम्मति बनाना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
सम्मेलन के मसौदे में जीवाश्म ईंधन का कोई उल्लेख नहीं है। प्रमुख तेल और गैस उत्पादक देशों ने इसे अस्वीकार्य बताया है, जबकि 80 से अधिक देशों ने इसका समर्थन किया है। यूरोपीय संघ ने कहा कि जीवाश्म ईंधन से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव मसौदे में शामिल होना चाहिए।
मसौदे में 2025 से 2030 तक जलवायु अनुकूलन के लिए वित्तपोषण को तीन गुना करने का आह्वान भी किया गया है, लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह राशि सीधे धनी देशों से आएगी या अन्य स्रोतों से।
