Jan Samvad Express Digital
Breaking News
Breaking Newsउज्जैनउज्जैन संभागमध्यप्रदेशराज्य

सागर में जहरीली शराब से 15 मौतें, तो उज्जैन में जागी पुलिस – एक दिन में 405 क्वार्टर जब्त

  • सागर कांड के बाद एक्शन मोड में उज्जैन पुलिस, कार्रवाई खुद खोल रही सिस्टम की पोल

उज्जैन/सागर। सागर जिले के बंडा में जहरीली शराब पीने से 15 लोगों की मौत और 96 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने पूरे प्रदेश के पुलिस-आबकारी महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सागर में मौत का आंकड़ा 24 तक पहुंचने के दावे के बीच उज्जैन पुलिस अचानक नशे के खिलाफ मुहिम में एक्टिव हो गई।

सागर में पुलिस की ताबड़तोड़ दबिश से घबराए तस्करों ने शराब की पेटियां खेतों में फेंकी और मुफ्त में क्वार्टर बांट दिए, जिससे मौतें और बढ़ीं । इसी पैटर्न को देखते हुए उज्जैन पुलिस ने भी जिले भर में सघन अभियान चलाया।

नतीजा चौंकाने वाला रहा – उज्जैन जिले के 15 थानों में एक ही दिन में 405 क्वार्टर अवैध देशी-मसाला शराब, 6 बीयर और हाथ भट्टी की कच्ची शराब बरामद हुई और 37 आरोपियों पर केस दर्ज हुआ।

उज्जैन में क्या-क्या मिला

पंवासा में 67 क्वार्टर, बिरलाग्राम में 112 क्वार्टर, बड़नगर में 72, घट्टिया में 61, भैरवगढ़, महाकाल, चिंतामण, राघवी, झारडा में भी बड़ी मात्रा में शराब मिली। नागदा में ढाबा संचालक ग्राहकों को खुलेआम शराब पिला रहे थे, तो माकड़ोन के ग्राम पाट में हाथ भट्टी की कच्ची शराब बनती मिली।

कार्रवाई ही बनी सवाल:

सागर में खुलासा हुआ है कि दो महीने पहले ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज देकर अवैध शराब की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता पर ही केस लाद दिए गए । 5 अफसर सस्पेंड होने के बाद ही जांच तेज हुई।

ठीक यही सवाल अब उज्जैन में भी उठ रहा है। जब एक दिन में 405 क्वार्टर मिल सकते हैं, तो यह कारोबार पहले कैसे चल रहा था? क्या उज्जैन में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा था

सागर में मेथेनॉल मिलाकर सस्ती शराब बनाई जा रही थी, जो जानलेवा साबित हुई। उज्जैन में पकड़ी गई कच्ची हाथ भट्टी की शराब भी इसी तरह के खतरे की ओर इशारा कर रही है।

पुलिस की लिस्ट ही बनी सबूत

पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट ही उसकी लापरवाही का सबसे बड़ा सबूत है।पंवासा में एक ही आरोपी पंकज राजपूत से 67 क्वार्टर शराब मिलना, बिरलाग्राम में चार आरोपियों से 112 क्वार्टर (अकेले गोपाल बरगुंडा से 50 क्वार्टर), बड़नगर में 72 क्वार्टर, घट्टिया में 61 क्वार्टर का मिलना बताता है कि गांव-गांव में मिनी ठेके खुले हुए थे।सबसे शर्मनाक है नागदा थाना क्षेत्र का मामला, जहां ढाबा संचालक संजय सेन और दीपक गोस्वामी हाईवे पर ढाबे में ग्राहकों को खुलेआम शराब परोस रहे थे। हाईवे पर रोज पुलिस की गश्त होती है, फिर यह धंधा कैसे चल रहा था?माकड़ोन के ग्राम पाट में हाथ भट्टी की जहरीली कच्ची शराब बन रही थी। महाकाल और चिंतामण जैसे वीआईपी थानों में भी 23 क्वार्टर तक शराब बिक रही थी। भैरवगढ़, राघवी, झारडा, महिदपुर रोड हर जगह यही हाल।

9 शराबी भी पकड़ाए, पर अड्डे क्यों नहीं बंद हुए?

पुलिस ने 9 लोगों को सार्वजनिक स्थान पर पीते हुए पकड़ा, लेकिन सवाल है कि उन्हें शराब बेची किसने? बेचने वाले पर कार्रवाई के बजाय सिर्फ पीने वालों को पकड़ कर खानापूर्ति कर ली जाती है।ग्रामीणों का कहना है कि जब हादसे होने लगे, शिकायतें ऊपर तक पहुंची, तब एसपी के दबाव में पुलिस को कार्रवाई दिखानी पड़ी। यदि पुलिस रोजाना ईमानदारी से चेकिंग करे तो 405 नहीं, 4000 क्वार्टर का अवैध कारोबार बंद हो सकता है।अब देखना यह है कि यह कार्रवाई रोज जारी रहेगी या आज की बरामदगी के बाद फिर से पुलिस आंखें मूंद लेगी।

Related posts

सावन के चोथे सोमवार को बिहार के शिव मंदिर में हादसा:सात लोगो की जान गई

Jansamvad Express Digital

इंदौर के बाद महू में दूषित पानी से फिर लोग बीमार

Jansamvad Express Digital

कंटेनर और ट्रक में हुई टक्कर , दोनों में लगी आग, कंटेनर चालक की मौत

Leave a Comment

This message appears for Admin Users only:
Please fill the Instagram Access Token. You can get Instagram Access Token by go to this page