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महाकाल में हादसा,14 झुलसे ना एंबुलेंस,ना फायर संसाधन , ना अस्पताल घायलों को लेकर जाने के लिए ताला तोड़ रास्ता खोला,अंधी होली में हो सकता था बड़ा हादसा

उज्जैन।। सोमवार को विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में प्रात:काल ने हुई भस्म आरती के दौरान होली खेलने के दौरान गर्भगृह में भीषण आग लग गई।
आगजनी की इस घटना में गर्भगृह में मौजूद पंडे पुजारी,सेवक और कर्मचारी झुलस गए। आग की चपेट में आने से 14 लोग घायल हुए जिन्हे उपचार के लिए उज्जैन और इंदौर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

हादसे की घटना की जानकारी लगते ही आला अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे वही मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव भी तत्काल भोपाल से इंदौर और उज्जैन में भर्ती घायलों से मुलाकात करने पहुंचे।

मुख्यमंत्री यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घटना की जांच के आदेश दिए वही घायलों के उपचार की व्यवस्था सहित सभी घायलो को 1-1 लाख के सहयोग की बात कही।

महाकाल अग्निकांड को लेकर जिला कलेक्टर नीरज कुमार ने तीन सदस्य जांच टीम का गठन किया है जिसमे उज्जैन ए डीएम और। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भी शामिल है।

महाकाल मंदिर हादसे को लेकर कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मजीस्ट्रीयल जांच के मामले में महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी है।

● मजिस्ट्रेट जांच में तीन सदस्य होंगे,

● घटना क्यों हुई, क्या कारण था, कैसे बचा जा सकता था, घटना की पुनरावृत्ति ना हो इन बातों पर जांच होगी,

● महाकाल मंदिर में वर्ष भर होने वाले आयोजनों की भी होगी समीक्षा,

● महाकाल मंदिर के गर्भगृह में पुजारी, पंडित और पुरोहितों की संख्या तय की जाएगी,

● जांच समिति घटना के पहले के वीडियो देखेगी । आगजनी के पहले क्या-क्या सामग्री गर्भगृह में पहुंची, कौन लेकर आया, किन कारणों से आग लगी, गुलाल से आग लगी है या अन्य सामग्री से ताकि आने वाले समय में किन-किन सामग्रियों को गर्भगृह के अंदर लाया जाएगा और किन सामग्रियों को प्रतिबंधित किया जाएगा

● जिस गुलाल का प्रयोग हुआ क्या वह ज्वलनशील था । इसकी जांच के लिए एक्सपर्ट बुलाया गया है । सैंपल भी ले लिए गए हैं। एक्सपर्ट यह पता लगाएगा कि आग तुरंत लगी और बुझ गई यह कैसे हुआ।

● मंदिर में गुलाल कौन लेकर आया । यह जांच समिति पता करेगी । यह संभव है कि कुछ सामग्री ऐसी भी पहुंची है जो मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध नही कराई गई हो । यदि कोई खुद अपनी मर्जी से लाया है तो वह दोषी होगा । उसे मन्दिर में प्रतिबंधित किया जाएगा।

● जांच समिति ने गुलाल व जले हुए पर्दे का सैंपल लिया है। वीडियो के माध्यम से यह पता किया जा रहा है कि कौन-कौन सी सामग्री गर्भगृह में पहुंची थी।

गेट का ताला तोड़ना पड़ा
महाकाल मंदिर में जिस समय हादसा हुआ इस दौरान मंदिर के बाहर जाने वाले गेट पर ताला लगा हुआ था घायलों को लेकर जाने के लिए सेट पर ताला खोलने के लिए पॉइंट चलाया गया लेकिन जब काफी देर तक चाबी नही मिली तो ताला तोड़ा गया और उसके बाद घायलों को एंबुलेंस तक लेकर जाया गया।

मंदिर में एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा

सवाल यह है की मंदिर में बड़े हादसे से निपटने के लिए इमरजेंसी विकल्प की व्यवस्था नहीं है आगजनी की घटना के बाद घायलों को लेकर जाने के लिए 30 मिनिट तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा ।

महाकाल मंदिर में आपातकालीन द्वार नही

महाकाल मंदिर में नदी हाल, गणेश मंडपाम,गर्भगृह पर मौजूद श्रद्धालु आपात काल में अगर एक साथ बाहर निकलना चाहे तो मंदिर में कोई आपातकाल द्वार नही है।जिस रास्ते से अंदर जाते है वही रास्तों का उपयोग ही आपातकाल में किया जाता है।।

प्रशासक की कार्यशैली ठीक नही

महाकाल मंदिर में प्रशासक संदीप सोनी से मंदिर के अंदर से लेकर बाहर तक के लोग असंतुष्ट है, वही प्रशासक उज्जैन में दो महत्वपूर्ण पदों पर होने के बाद भी प्रतिदिन हेडक्वार्टर छोड़ कर चले जाते है।

कांग्रेस प्रदेश सचिव राकेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर संदीप सोनी की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं,वही भ्रष्ट प्रशासक को हटाए जाने की मांग की है।

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