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कृषि संबंधी पाठ्यक्रम सभी कॉलेज में लागू होंगे -उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव

उज्जैन । उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि संबंधी पाठ्यक्रम प्रदेश के सभी कॉलेज में लागू किए जायेंगे। अगले शैक्षणिक सत्र से अनिवार्य रूप से इसे लागू किया जाएगा। मंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को विभागीय समीक्षा के दौरान भोपाल में यह बात कही।

मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में अनेक ऐसे पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं, जो रोजगारमूलक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि से संबंधित पाठ्यक्रमों में प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी को बढ़ावा दिया जाये। वर्तमान में इसी की माँग ज्यादा है। विद्यार्थियों को स्व-रोजगार से जोड़ने का अधिक से अधिक प्रयास होना चाहिए। प्रदेश में जो उद्योग आ रहे हैं उनकी आवश्यकता के अनुसार वोकेशनल पाठ्यक्रम तैयार किए जाएँ।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के लगभग 119 महाविद्यालय में 150 स्मार्ट क्लास स्थापित की गई हैं। दस संभागीय मुख्यालय में डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए जाना है। लगभग 200 महाविद्यालय में वर्चुअल कक्षाओं की स्थापना की कार्यवाही की जा रही है। डॉ. यादव ने कहा कि विभाग द्वारा ऐसा इवेंट किया जाये, जिसमें एक दिन एक समय पर किसी भी एक महत्वपूर्ण विषय की वर्चुअल क्लास सभी महाविद्यालयों में संचालित हो।

प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री के.सी. गुप्ता ने बताया कि विद्यार्थियों का रूझान जैविक खेती और बागवानी में ज्यादा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बाद से इसमें निरंतर वृद्धि हुई है। शैक्षणिक सत्र 2022-2023 में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम वर्ष में 86 हजार 263 विद्यार्थियों ने जैविक खेती और 9 हजार 38 विद्यार्थियों ने बागवानी पाठयक्रम का चयन किया है।

आयुक्त श्री कर्मवीर शर्मा ने बताया कि वर्तमान में नैक प्रत्यायन के लिए 528 में से 438 शासकीय महाविद्यालय पात्र है। प्रथम चरण में वर्ष 2021 में प्रत्यायन के लिए 56 महाविद्यालय और द्वितीय चरण में (वर्ष 2022) में 120 महाविद्याल का चिन्हांकन किया गया। वर्ष 2023 में 209 महाविद्यालय को नैक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए चिन्हांकित किया गया तथा उन्हें प्रशिक्षण देने का कार्य प्रारंभ है। श्री शर्मा ने बताया कि एसएलएनसी द्वारा कराई गई तैयारी के बाद वर्तमान में प्राप्त परिणामों के अनुसार 90 प्रतिशत महाविद्यालय में पूर्व में प्राप्त ग्रेड में दो पायदान उच्च ग्रेड प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के महाविद्यालयों द्वारा 33 उद्योग और 15 आईटीआई से एमओयू किए गए हैं।

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