महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की समयसीमा खत्म होने के साथ ही चुनावी तस्वीर साफ हो गई। शिवसेना और NCP में बगावत के चलते इस बार 6 बड़े दल मैदान में हैं। यही कारण है कि बागी भी ज्यादा हैं। प्रदेश की लगभग हर सीट पर बागी हैं।
अब सबकी निगाह नाम वापसी की अंतिम तारीख (4 नवंबर) पर है। उसके बाद पता चलेगा कि लड़ाई कैसी होगी। इस बार 7,995 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। आखिरी दिन 4,996 ने पर्चे भरे।
महायुति और MVA ने नामांकन खत्म होने के बाद भी सीट बंटवारे का फॉर्मूला नहीं बताया। प्रत्याशी देखें तो महायुति में 148 उम्मीदवारों के साथ भाजपा और MVA में 103 के साथ कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी है।
दोनों पार्टियां 2019 के विधानसभा चुनाव से कम सीटों पर लड़ रही हैं। भाजपा ने पिछली बार 164 तो कांग्रेस ने 147 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे।
वहीं, शिवसेना-शिंदे ने 80, NCP-अजित ने 53, शिवसेना- उद्धव ने 89, NCP- शरद ने 87 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। पिछले चुनाव में शिवसेना (अविभाजित) और NCP (अविभाजित) 124-124 सीटों पर लड़ी थीं।
इन सबके अलावा इस बार महायुति ने 5 सीटें सहयोगी पार्टियों के लिए छोड़ी हैं। दूसरी तरफ MVA के छोटे सहयोगी दल 6 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। महायुति की 2 और MVA की 3 सीटों पर अभी भी स्थिति साफ नहीं है।

