Jan Samvad Express Digital
Breaking News
Breaking NewsUncategorizedभोपालभोपाल संभागमध्यप्रदेशराष्ट्रीय

MP बनेगा मिल्क कैपिटल: 2973 करोड़ की डेयरी क्रांति योजना

उज्जैन/भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प से मध्यप्रदेश मिल्क कैपिटल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

प्रदेश में सहकारिता आधारित दुग्ध क्रांति के तहत अब तक 1,926 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है, जबकि 801 बंद पड़ी समितियों को पुनः सक्रिय किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में कुल 7,171 दुग्ध समितियां क्रियाशील हो चुकी हैं।

सरकार का लक्ष्य वर्तमान दूध संकलन को 12 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 52 लाख लीटर प्रतिदिन तक ले जाना है। इसके लिए 2,973 करोड़ रुपये की वृहद डेयरी विकास योजना पर काम किया जा रहा है।

योजना के तहत आधुनिक डेयरी संयंत्रों की स्थापना, संग्रहण और शीतलन क्षमता में वृद्धि और पशुपालकों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही “लखपति गोपालक दीदी” जैसी योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

इस पहल से न केवल पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी बल्कि सांची ब्रांड को वैश्विक पहचान भी मिलेगी। सरकार का मानना है कि सशक्त पशुपालक, समृद्ध किसान ही नए मध्यप्रदेश की पहचान बनेंगे।

अमित शाह ने दुग्ध संघों को दिया बोनस, गौशालाओं को मिली सहायता; 15 करोड़ से ज्यादा का लाभांश वितरित

मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति को नई गति देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भोपाल एवं इंदौर दुग्ध संघ के सदस्यों को सिंगल क्लिक के माध्यम से बोनस राशि का वितरण किया।

कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं को सहायता राशि भी प्रदान की गई। दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को कुल 15.10 करोड़ रुपये का लाभांश वितरित किया गया, जिससे हजारों पशुपालक परिवारों को सीधा लाभ मिला।

सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शाह ने 5 उत्कृष्ट गौपालक दीदियों को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की। साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र भी सौंपे गए।

इस अवसर पर ‘मध्यप्रदेश में दुग्ध क्रांति का सूत्रपात’ और कृषि वर्ष विशेष पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें प्रदेश की सहकारिता और डेयरी क्षेत्र में हो रहे बदलावों को दर्शाया गया।

मिल्क कैपिटल की ओर मध्यप्रदेश के बढ़ते कदम

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने राज्य स्तरीय गौपालक सम्मेलन में मध्यप्रदेश को दुग्ध क्षेत्र के लिए कई बड़ी सौगातें प्रदान कीं। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर हितलाभों का वितरण किया और विभिन्न डेयरी परियोजनाओं का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले प्रतिदिन 3 लाख लीटर क्षमता के दुग्ध प्रोसेसिंग प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया। वहीं भोपाल में 16.5 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिदिन 40 हजार लीटर क्षमता वाले प्रोडक्ट डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही भोपाल में ही 12.42 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला का लोकार्पण भी किया गया।

इसी क्रम में शिवपुरी में 6.5 करोड़ रुपये की लागत से मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया गया। इन सभी परियोजनाओं से प्रदेश में दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी और डेयरी अधोसंरचना का विस्तार होगा। इससे न केवल दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों का भी सृजन होगा, जो मध्यप्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के संकल्प को मजबूती देगा।

Related posts

मादक पदार्थ तस्कर गिरफ्तार : भाटपचलाना पुलिस को मिली सफलता

प्रकाश चौकसे के नेतृत्व में राहुल गांधी जी की सदस्यता समाप्त करने के विरोध में सत्याग्रह

संजय जोशी के घर पहुंचे पूर्व विधायक वर्मा, एक हफ्ते पूर्व खत्म हुआ था भाजपा से जोशी का निष्कासन

Jansamvad Express Digital

Leave a Comment