नई दिल्ली | 10 अक्टूबर 2026 | राष्ट्रीय राजनीति
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से विपक्षी नेताओं की मुलाकात के बाद राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पात्रा ने उन्हें ‘नालायक नेता’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के समक्ष विपक्ष की बात रखने और ज्ञापन स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश किया।
राष्ट्रपति से मुलाकात और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर विवाद
दरअसल, 9 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी इंडिया गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान विपक्ष ने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए।
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे सबूत पेश करने को कहा। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष अपने आरोपों से जुड़े साक्ष्य राष्ट्रपति के सामने रखेगा।
इसी बयान पर भाजपा ने आपत्ति जताई। सरकारी सूत्रों ने भी राहुल गांधी के इस दावे को गलत बताया कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों को स्वीकार कर लिया था।
संबित पात्रा ने क्या कहा?
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने 10 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राष्ट्रपति ज्ञापन स्वीकार करती हैं, यह संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विपक्ष के पास चुनावी अनियमितताओं के सबूत थे, तो उन्हें राष्ट्रपति को सौंपा क्यों नहीं गया।
पात्रा ने राहुल गांधी पर राष्ट्रपति पद को राजनीतिक विवाद में खींचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का बयान एक ‘नालायक नेता’ जैसा था। भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर दावे करने वालों को उनके समर्थन में प्रमाण भी प्रस्तुत करने चाहिए।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर भी भाजपा का निशाना
संबित पात्रा ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन को लेकर भी विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने प्रदर्शन को असफल बताते हुए आरोप लगाया कि राजधानी में अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की गई। पात्रा ने इसे ‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’ बताया।
ये भाजपा नेता के आरोप और राजनीतिक टिप्पणियां हैं। प्रदर्शन के उद्देश्य और चुनावी प्रक्रिया को लेकर भाजपा तथा विपक्ष के बीच मतभेद बने हुए हैं।
विपक्ष की आगे की रणनीति
विपक्षी इंडिया गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर अपनी मांगें जारी रखने के संकेत दिए हैं। राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं। राहुल गांधी ने आरोपों के समर्थन में सबूत देने की बात कही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी को फिर तेज कर दिया है। अब इस विवाद में विपक्ष की ओर से पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर संबंधित संस्थाओं की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

