उज्जैन | नवरात्रि की भक्ति जब जेल की चारदीवारी के भीतर पहुंची, तो माहौल कुछ ऐसा बना कि हर कोई जानना चाहेगा कि आखिर यहां हुआ क्या! उज्जैन की केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में कैदियों ने मां दुर्गा की आराधना के बीच गरबा किया। खास बात यह रही कि पुरुष बंदी महिला वेशभूषा धारण कर गरबा करते नजर आए। यह आयोजन जेल के भीतर आस्था, सांस्कृतिक गतिविधियों और उत्सव के रंग को दर्शाता है ।
सजा के बीच साधना, गरबे में दिखी भक्ति की झलक
नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की आराधना और गरबा गुजरात से लेकर मध्यप्रदेश तक लोगों को जोड़ता है। भैरवगढ़ जेल में भी बंदियों ने इस पर्व में भाग लेकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आरती और भक्ति गीतों के बीच गरबा करते बंदियों का दृश्य इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि सुधार गृहों में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां बंदियों के जीवन में सकारात्मक माहौल बनाने का माध्यम बन सकती हैं।
महिला वेशभूषा में क्यों गरबा करते दिखे पुरुष बंदी?
इस आयोजन की सबसे खास बात पुरुष बंदियों का महिला वेशभूषा में गरबा करना है। इस अनोखे अंदाज ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। जेल में इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य बंदियों को सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ना और त्योहार के दौरान उत्साह का वातावरण बनाना हो सकता है। हालांकि, आयोजन के पीछे की पूरी व्यवस्था और उद्देश्य को जेल प्रशासन के आधिकारिक पक्ष से स्पष्ट करना उचित होगा।
जेल की चारदीवारी में भी जीवंत रही नवरात्रि की परंपरा
नवरात्रि केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और आत्मचिंतन का पर्व भी है। भैरवगढ़ जेल में गरबे का आयोजन इसी सांस्कृतिक परंपरा की झलक पेश करता है। ऐसे कार्यक्रम बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने, अपनी प्रतिभा दिखाने और सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर दे सकते हैं।
पूरी खबर का सार: उज्जैन की भैरवगढ़ केंद्रीय जेल में नवरात्रि के दौरान पुरुष बंदियों का महिला वेशभूषा में गरबा करना चर्चा का विषय बना। यह आयोजन अपनी अनोखी प्रस्तुति के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है।

