भोपाल। मध्यप्रदेश के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाना का कार्यकाल 30 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। मकवाना 1 दिसंबर 2024 को प्रदेश के 32वें DGP बने थे और नियमानुसार उन्हें 2 साल का कार्यकाल मिला था। उनके रिटायरमेंट से पहले ही अगले DGP की रेस तेज हो गई है।
गृह विभाग ने PHQ से पात्र अधिकारियों की सूची मंगाकर 12 वरिष्ठ IPS अधिकारियों का पैनल UPSC को भेज दिया है। UPSC नवंबर में बैठक कर 3 नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजेगा, जिसमें से एक नाम पर सरकार अंतिम मुहर लगाएगी और 1 दिसंबर से नया DGP कार्यभार संभालेगा।
पैनल में 12 नाम हैं – वरुण कपूर, उपेन्द्र जैन, प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव, पंकज श्रीवास्तव, आदर्श कटियार, जी अखेतो सेमा, अनिल कुमार, रवि गुप्ता, आनंद कुमार सिंह, मनमीत सिंह नारंग, राजाबाबू सिंह और डीपी गुप्ता।
लेकिन वरिष्ठता और क्लीन रिकॉर्ड के आधार पर 1991 बैच के तीन नाम सबसे आगे माने जा रहे हैं।
1. वरुण कपूर - वरिष्ठता में सबसे आगे
1991 बैच के IPS वरुण कपूर वरिष्ठता में सबसे आगे हैं। वर्तमान में जेल महानिदेशक हैं और भोपाल संभाग के प्रभारी भी हैं। साइबर एक्सपर्ट के तौर पर उनकी पहचान है और संपत्ति के मामले में भी वे प्रदेश के सबसे अमीर IPS माने जाते हैं। UPSC पैनल में वरिष्ठता को प्राथमिकता देता है, इसलिए उनका पलड़ा भारी है।
2.उपेन्द्र जैन - फील्ड अनुभव और सरकार का भरोसा
1991 बैच के ही उपेन्द्र कुमार जैन वर्तमान में EOW के महानिदेशक हैं और उज्जैन संभाग के प्रभारी हैं। मध्यप्रदेश कैडर के अनुभवी अधिकारी हैं, कई जिलों में SP और बड़े पदों पर रह चुके हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, इसलिए वे सरकार की पसंद बन सकते हैं।
3. प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव - पहली महिला DGP बनने का मौका
1991 बैच की ही प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव वर्तमान में होमगार्ड एवं आपदा प्रबंधन की DG हैं और ग्वालियर संभाग की प्रभारी हैं। यदि सरकार महिला सशक्तिकरण के संदेश को प्राथमिकता देती है तो उनके नाम पर विचार हो सकता है। चयन होने पर मध्यप्रदेश को इतिहास में पहली महिला DGP मिलेगी।
सूत्रों के अनुसार अंतिम फैसला UPSC की वरिष्ठता सूची के साथ-साथ केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री के भरोसे पर भी निर्भर करेगा।
मध्यप्रदेश के टॉप-3 DGP दावेदारों का रिटायरमेंट कब है?




