जयपुर: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को जोधपुर जिले में इस मानसून 33 प्रतिशत बारिश की कमी पर गहरी चिंता जताई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार से मांग की है कि सूखे की आशंका वाले क्षेत्रों में पेयजल, चारे और मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए तुरंत एक आकस्मिक योजना (Contingency Plan) तैयार की जाए।
जयपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जोधपुर में बारिश की अत्यधिक कमी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। उन्होंने सरकार को सुझाव दिया कि ‘विकसित भारत’ जैसी रोजगार योजनाओं के तहत प्रभावित क्षेत्रों के श्रमिकों को अधिकतम रोजगार और राहत उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
गहलोत ने सरकार को सचेत करते हुए कहा, “जोधपुर समेत सूखे से प्रभावित होने की आशंका वाले अन्य सभी क्षेत्रों के गांवों और ढाणियों में पीने का साफ पानी, मवेशियों के लिए चारा और पानी की उपलब्धता के लिए अभी से आकस्मिक योजना तैयार की जानी चाहिए।”
गरीबों और पशुपालकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर:
कांग्रेस नेता ने अंदेशा जताया कि कम बारिश और सूखे की स्थिति के कारण आने वाले दिनों में महंगाई, जमाखोरी और बड़े पैमाने पर पलायन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसका सबसे सीधा और बुरा असर गरीब श्रमिकों, किसानों और पशुपालकों पर देखने को मिलेगा।
गहलोत ने जोर देकर कहा कि हमें अभी से ऐसी ठोस रणनीति बनानी होगी जिससे किसी भी पशुपालक, किसान या मजदूर को रोजी-रोटी और बुनियादी जरूरतों के लिए परेशान न होना पड़े।
भाजपा सरकार पर साधा निशाना:
राज्य की मौजूदा सरकार पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि इतनी गंभीर स्थिति सामने होने के बावजूद भाजपा सरकार ने अभी तक सूखे से निपटने के लिए जमीनी स्तर पर कोई ठोस व्यवस्थाएं शुरू नहीं की हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू करे।



